किसान आंदोलन के दौरान एक और किसान की मौत हो गई है. खनुरी-जींद बॉर्डर पर दिल्ली जाने की जिद पर अड़े एक किसान की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. 70 साल के ये किसान मंजीत सिंह पटियाला के कांगथला गांव के रहने वाले थे. मृतक मंजीत सिंह 12 तारीख को खनुरी बॉर्डर पर आया था.
आपको बता दें कि इससे पहले शंभू बॉर्डर पर एक किसान की मौत हो गई थी. किसान संगठन 13 फरवरी से खनूरी और शंभू सीमा पर धरना दे रहे हैं. किसान दिल्ली जाना चाहते हैं, लेकिन हरियाणा पुलिस ने उन्हें पंजाब की सीमा में ही रोक रखा है.
उधर, केंद्रीय मंत्रियों के साथ बैठक के बाद किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा है कि वह 19 और 20 फरवरी को सभी संगठनों से बातचीत करेंगे. इसके बाद 20 तारीख की शाम को हम अपना फैसला सुनाएंगे. दिल्ली पलायन को 21 फरवरी सुबह 11 बजे तक स्टैंडबाय पर रखा गया है.
बता दें कि केंद्र सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानूनी गारंटी देने को तैयार नहीं है. बल्कि कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग लागू करना चाहती है. इसका खुलासा केंद्रीय मंत्रियों द्वारा किसान नेताओं को दिए गए नए प्रस्ताव से हुआ है. केंद्रीय मंत्रियों ने कहा कि मक्का, कपास और दालों की तीन फसलें न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर खरीदी जा सकती हैं, लेकिन इसके लिए पांच साल का अनुबंध करना होगा।
