गणतंत्र दिवस के मौके पर कर्तव्य पथ पर अलग-अलग राज्यों की झाकियां निकाली गईं. हर झांकी की थीम उस राज्य की विविधता को दर्शाते हुए तैयार की गई. झारखंड की झांकी की थीम ‘तसर सिल्क’ था, तो मध्य प्रदेश की झांकी के जरिए ‘आत्मनिर्भर महिला-विकास का मंत्र’ दिया गया. झांकियों के साथ हर पारंपरिक नृत्य भी देखने को मिला. इस साल कर्तव्य पथ पर कुल मिलाकर 16 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों की झाकियां निकाली गईं.
गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के जरिए राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराकर हुई. इसके बाद राष्ट्रगान गाया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ सहित वहां मौजूद सभी गणमान्य लोगों ने झंडे को सलामी दी. इसके बाद कर्तव्य पथ पर परेड की शुरुआत हुई, जिसमें सबसे पहले भारत की सांस्कृतिक विविधता, एकता एवं प्रगति, बढ़ती स्वदेशी क्षमताओं के दम पर इसकी सैन्य शक्ति और देश में बढ़ती नारी शक्ति को प्रदर्शित किया गया.
सिर्फ इतना ही नहीं, बल्कि भारत के जरिए पिछले एक साल में हासिल की गई उपलब्धियों को भी झांकियों के जरिए दिखाया गया. चंद्रयान-3 की सफलता से लेकर भारत में बढ़ रही आधुनिकता को दिखाने वाली झांकियां कर्तव्य पथ से होकर गुजरीं.
