उच्च शिक्षा संस्थानों में परीक्षा दे रहे छात्रों के लिए अच्छी खबर है। दरअसल, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने देश भर के सभी विश्वविद्यालयों से परीक्षार्थियों को उनकी स्थानीय भाषा में सवालों के जवाब देने की अनुमति देने को कहा है। साथ ही यह नियम उच्च शिक्षा संस्थानों में अंग्रेजी माध्यम में स्नातक और पीजी कोर्स करने वालों पर भी लागू होना चाहिए। यह जानकारी यूजीसी के चेयरमैन एम. जगदीश कुमार ने शेयर किया है।
आयोग ने जोर देकर कहा कि इन प्रयासों को मजबूत करना और “मातृभाषा/स्थानीय भाषाओं में पाठ्यपुस्तकों को लिखना और अन्य भाषाओं से मानक पाठ्यपुस्तकों के अनुवाद सहित शिक्षण में उनके उपयोग को बढ़ावा देना” जैसी पहल को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। बता दें कि यूजीसी के इस कदम से ऐसे सभी छात्रों को राहत मिलेगी जो अंग्रेजी भाषा की परीक्षा में शामिल होने की मजबूरी के चलते अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं.