जीरा स्थित शराब फैक्ट्री के सामने किसानों के धरने को पुलिस-प्रशासन उठाने का प्रयास कर रहा है. इसके लिए शासन ने 44 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। 7-7 एंबुलेंस और जेसीबी मशीन भी मंगवाई गई है। 4 फायर ब्रिगेड और 4 टो वैन भी मौके पर मौजूद हैं। साथ ही मेडिकल टीम को भी अलर्ट पर रखा गया है। इस कार्रवाई के दौरान किसानों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस अधिकारी स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए प्रदर्शनकारी किसानों को शांत करने की कोशिश कर रहे हैं।
करीब 145 दिन से किसान शराब फैक्ट्री के सामने धरना दे रहे हैं और इसे बंद करने की मांग कर रहे हैं. किसानों के मुताबिक फैक्ट्री के केमिकल से आसपास के 40 गांव प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि इससे पीने का पानी खराब हो रहा है. यह शराब फैक्ट्री जीरा के मंसूरबल गांव में है.
पुलिस-प्रशासन की बात मानने को सभी 40 गांवों के लोग और स्थानीय लोग तैयार नहीं हैं. मौके पर मौजूद एक किसान नेता की ओर से कहा गया है कि कार्रवाई करने वाले पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के परिवार यहां रहें. उनके भोजन की व्यवस्था स्थानीय लोग करेंगे। अगर ये पानी एक महीने तक पीते हैं तो किसान भी अपना धरना खत्म कर देंगे।
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