सुप्रीम कोर्ट ने आज बड़ा फैसला लेते हुए राजीव गांधी हत्याकांड के 6 दोषियों की बाकी सजा माफ कर दी है और उन्हें रिहा करने का आदेश दिया है.कहा कि बंदी सिंह के मामलों में ऐसा क्यों नहीं किया जा रहा है? उन्होंने आरोप लगाया कि इस फैसले से सरकार की सिखों के प्रति भेदभावपूर्ण नीति उजागर हो गई है।
शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि देश की विभिन्न जेलों में बंद सिंहों की रिहाई के लिए पिछले तीन दशकों से सिख समुदाय आवाज उठा रहा है, लेकिन सरकारें इस पर कान नहीं लगा रही हैं. उन्होंने कहा कि कई ऐसे मामले हैं, जिनमें सरकारें हत्या, बलात्कार आदि जैसे जघन्य आरोपों में बंदियों पर दया कर रही हैं, वहीं बंदी सिंहों के साथ अन्याय हो रहा है.
उन्होंने कहा कि हालांकि प्रो. देविंदरपाल सिंह भुल्लर की रिहाई दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार की सहमति से संभव है, लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सिख विरोधी सोच अपना रहे हैं. इसी तरह भाई गुरदीप सिंह खेरा की रिहाई पर कर्नाटक सरकार विचार कर रही है।

